Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.69.101: तत्पश्चात् वह दुष्ट राजा उस पाप के कारण अनेक वर्षों तक नरक में वास करता है। अपनी प्रजा के पापों में डूबकर वह अपने पापों के फलस्वरूप दुःख और अपयश का भागी बनता है। ॥101॥ | mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् वह दुष्ट राजा उस पाप के कारण अनेक वर्षों तक नरक में वास करता है। अपनी प्रजा के पापों में डूबकर वह अपने पापों के फलस्वरूप दुःख और अपयश का भागी बनता है। ॥101॥
Thereafter, the wicked king lives in hell for many years because of that sin. Drowning in the sins of his subjects, he becomes a part of misery and infamy as a result of his sins. ॥101॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥