Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.68.55: इसलिए जो पुरुष उन्नति की इच्छा रखता हो, बुद्धिमान हो, स्मरण शक्ति तीव्र हो और अपने कार्य में कुशल हो, उसे चाहिए कि वह नियमानुसार जीवन व्यतीत करे, मन और इन्द्रियों को वश में रखे और राजा की शरण ले ॥ 55॥ | mahabharat अध्याय 12.68: वसुमना और बृहस्पतिके संवादमें राजाके न होनेसे प्रजाकी हानि और होनेसे लाभका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसलिए जो पुरुष उन्नति की इच्छा रखता हो, बुद्धिमान हो, स्मरण शक्ति तीव्र हो और अपने कार्य में कुशल हो, उसे चाहिए कि वह नियमानुसार जीवन व्यतीत करे, मन और इन्द्रियों को वश में रखे और राजा की शरण ले ॥ 55॥
Therefore a person who desires to progress, is intelligent, has a strong memory and is efficient in his work, should live according to the rules, keep his mind and senses under control and seek the shelter of the king. ॥ 55॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥