Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.68.51: मनुष्य को चाहिए कि राजा की समस्त रक्षा-वस्तुओं को दूर ही छोड़ दे और राज-धन के अपहरण से मृत्यु के समान घृणा करके अपनी रक्षा करने का प्रयत्न करे ॥51॥ | mahabharat अध्याय 12.68: वसुमना और बृहस्पतिके संवादमें राजाके न होनेसे प्रजाकी हानि और होनेसे लाभका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मनुष्य को चाहिए कि राजा की समस्त रक्षा-वस्तुओं को दूर ही छोड़ दे और राज-धन के अपहरण से मृत्यु के समान घृणा करके अपनी रक्षा करने का प्रयत्न करे ॥51॥
A man should leave all the king's protective things from a distance and try to protect himself from the kidnapping of the royal wealth by hating it like death. 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥