Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.68.50: जब हवा से प्रज्वलित अग्नि किसी गांव या जंगल को जलाने लगती है, तो संभव है कि उसका कुछ भाग बिना जला रह जाए; परंतु जब राजा आक्रमण करता है, तो उसका कुछ भी नहीं बचता। | mahabharat अध्याय 12.68: वसुमना और बृहस्पतिके संवादमें राजाके न होनेसे प्रजाकी हानि और होनेसे लाभका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब हवा से प्रज्वलित अग्नि किसी गांव या जंगल को जलाने लगती है, तो संभव है कि उसका कुछ भाग बिना जला रह जाए; परंतु जब राजा आक्रमण करता है, तो उसका कुछ भी नहीं बचता।
When a fire ignited by the wind starts burning a village or a forest, it is possible that it leaves some part of it unburnt; but when the king attacks, nothing of his remains.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥