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mahabharat 12.68.28: यदि राजा इन नियमों का पालन न करे, तो चोर-लुटेरे हाथ में आई हुई वस्तु भी छीन लेंगे, सारी मर्यादाएँ टूट जाएँगी और सब लोग डरकर सब दिशाओं में भाग जाएँगे। 28.   |   mahabharat अध्याय 12.68: वसुमना और बृहस्पतिके संवादमें राजाके न होनेसे प्रजाकी हानि और होनेसे लाभका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.68.28 
हस्ताद्धस्तं परिमुषेद् भिद्येरन् सर्वसेतव:।
भयार्तं विद्रवेत् सर्वं यदि राजा न पालयेत्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
यदि राजा इन नियमों का पालन न करे, तो चोर-लुटेरे हाथ में आई हुई वस्तु भी छीन लेंगे, सारी मर्यादाएँ टूट जाएँगी और सब लोग डरकर सब दिशाओं में भाग जाएँगे। 28.
 
If the king does not obey these rules, thieves and robbers will snatch away even the things that are in hand, all the limits will be broken and everyone will run in all directions out of fear. 28.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)