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mahabharat 12.68.26: यदि राजा इसका पालन न करे तो ब्रह्मचारी तपस्वी तथा विद्याप्राप्त ब्राह्मणों को चारों वेदों का अध्ययन त्याग देना चाहिए॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 12.68: वसुमना और बृहस्पतिके संवादमें राजाके न होनेसे प्रजाकी हानि और होनेसे लाभका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.68.26 
ब्राह्मणाश्चतुरो वेदान् नाधीयीरंस्तपस्विन:।
विद्यास्नाता व्रतस्नाता यदि राजा न पालयेत्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
यदि राजा इसका पालन न करे तो ब्रह्मचारी तपस्वी तथा विद्याप्राप्त ब्राह्मणों को चारों वेदों का अध्ययन त्याग देना चाहिए॥ 26॥
 
If the king does not follow this, then the celibate ascetics and the Brahmins who have graduated in education should give up the study of the four Vedas.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)