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न संवत्सरसत्राणि तिष्ठेयुरकुतोभया:।
विधिवद् दक्षिणावन्ति यदि राजा न पालयेत्॥ २५॥
अनुवाद
यदि राजा इसका पालन नहीं करता है, तो दक्षिणा सहित निर्धारित अनुष्ठान के अनुसार किया जाने वाला वार्षिक यज्ञ बिना किसी बाधा के संपन्न नहीं हो सकता।
If the King does not follow this, then the annual yajna (sacrifice) performed as per the prescribed rituals with dakshina (offerings) cannot be performed without any hindrance. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥