Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.68.22: यदि राजा जगत् की रक्षा न करे, तो नियमानुसार यथोचित दक्षिणा सहित यज्ञों का अनुष्ठान बंद हो जाएगा, विवाह नहीं होंगे और सामाजिक कार्य रुक जाएँगे ॥22॥ | mahabharat अध्याय 12.68: वसुमना और बृहस्पतिके संवादमें राजाके न होनेसे प्रजाकी हानि और होनेसे लाभका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न यज्ञा: सम्प्रवर्तेयुर्विधिवत् स्वाप्तदक्षिणा:।
न विवाहा: समाजो वा यदि राजा न पालयेत्॥ २२॥
अनुवाद
यदि राजा जगत् की रक्षा न करे, तो नियमानुसार यथोचित दक्षिणा सहित यज्ञों का अनुष्ठान बंद हो जाएगा, विवाह नहीं होंगे और सामाजिक कार्य रुक जाएँगे ॥22॥
If the King does not protect the world, then the ritual of yagnas with adequate dakshina (offerings) as per the rules would stop, marriages would not take place and social activities would come to a halt. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥