Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.68.21: यदि राजा इस नियम का पालन न करे, तो व्यभिचार से किसी को घृणा न होगी, कृषि नष्ट हो जाएगी, व्यापार चौपट हो जाएगा, धर्म डूब जाएगा और तीनों वेद कहीं भी नहीं मिलेंगे ॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 12.68: वसुमना और बृहस्पतिके संवादमें राजाके न होनेसे प्रजाकी हानि और होनेसे लाभका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न योनिदोषो वर्तेत न कृषिर्न वणिक्पथ:।
मज्जेद् धर्मस्त्रयी न स्याद् यदि राजा न पालयेत्॥ २१॥
अनुवाद
यदि राजा इस नियम का पालन न करे, तो व्यभिचार से किसी को घृणा न होगी, कृषि नष्ट हो जाएगी, व्यापार चौपट हो जाएगा, धर्म डूब जाएगा और तीनों वेद कहीं भी नहीं मिलेंगे ॥ 21॥
If the king does not follow this rule, then no one will be disgusted with adultery, agriculture will be destroyed, trade will be devastated, religion will sink and the three Vedas will not be found anywhere. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥