Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.67.31: जैसे इन्द्रदेव का प्रभाव देखकर देवतागण प्रभावित हो जाते हैं, वैसे ही महाराज मनु का माहात्म्य देखकर सब लोग भयभीत हो गए और अपने-अपने धर्म में मन लगाने लगे॥31॥ | mahabharat अध्याय 12.67: राष्ट्रकी रक्षा और उन्नतिके लिये राजाकी आवश्यकताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्य दृष्ट्वा महत्त्वं ते महेन्द्रस्येव देवता:।
अपतत्रसिरे सर्वे स्वधर्मे च ददुर्मन:॥ ३१॥
अनुवाद
जैसे इन्द्रदेव का प्रभाव देखकर देवतागण प्रभावित हो जाते हैं, वैसे ही महाराज मनु का माहात्म्य देखकर सब लोग भयभीत हो गए और अपने-अपने धर्म में मन लगाने लगे॥31॥
Just as the gods become impressed on seeing the influence of Lord Indra, similarly all the people became terrified on seeing the importance of Maharaja Manu and started concentrating on their own religion.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥