Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.67.3: जिन देशों में राजा नहीं होता, वहाँ धर्म नहीं रहता; इसलिए वहाँ के लोग एक-दूसरे का शोषण करने लगते हैं; इसलिए जहाँ अराजकता होती है, वह देश सर्वथा निन्दित है!॥3॥ | mahabharat अध्याय 12.67: राष्ट्रकी रक्षा और उन्नतिके लिये राजाकी आवश्यकताका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अराजकेषु राष्ट्रेषु धर्मो न व्यवतिष्ठते।
परस्परं च खादन्ति सर्वथा धिगराजकम्॥ ३॥
अनुवाद
जिन देशों में राजा नहीं होता, वहाँ धर्म नहीं रहता; इसलिए वहाँ के लोग एक-दूसरे का शोषण करने लगते हैं; इसलिए जहाँ अराजकता होती है, वह देश सर्वथा निन्दित है!॥3॥
In countries where there is no king, there is no existence of Dharma (religion); therefore the people there start usurping each other; therefore, a country where there is anarchy is totally condemned!॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥