Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.67.26: ‘प्रजाजनों के सहयोग से तुम बलवान, अजेय और प्रतापी राजा बनोगे। जैसे कुबेर यक्षों और राक्षसों की रक्षा करके उन्हें प्रसन्न रखते हैं, वैसे ही तुम हम सबकी रक्षा और प्रसन्नता करोगे।॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 12.67: राष्ट्रकी रक्षा और उन्नतिके लिये राजाकी आवश्यकताका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 67: राष्ट्रकी रक्षा और उन्नतिके लिये राजाकी आवश्यकताका प्रतिपादन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  12.67.26 
स त्वं जातबलो राजा दुष्प्रधर्ष: प्रतापवान्।
सुखे धास्यसि न: सर्वान् कुबेर इव नैर्ऋतान्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
‘प्रजाजनों के सहयोग से तुम बलवान, अजेय और प्रतापी राजा बनोगे। जैसे कुबेर यक्षों और राक्षसों की रक्षा करके उन्हें प्रसन्न रखते हैं, वैसे ही तुम हम सबकी रक्षा और प्रसन्नता करोगे।॥ 26॥
 
‘With the support of the people you will become a strong, invincible and glorious king. Just as Kubera protects the yakshas and demons and makes them happy, in the same way you will keep us safe and happy.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)