Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.65.9: राजन! चारों आश्रमों के धर्म तथा वेदों में वर्णित धर्मों का पालन केवल ब्राह्मणों को ही करना चाहिए। अन्य कोई शूद्र उन धर्मों को किसी भी प्रकार से नहीं जान सकता।॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.65: इन्द्ररूपधारी विष्णु और मान्धाताका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! चारों आश्रमों के धर्म तथा वेदों में वर्णित धर्मों का पालन केवल ब्राह्मणों को ही करना चाहिए। अन्य कोई शूद्र उन धर्मों को किसी भी प्रकार से नहीं जान सकता।॥9॥
King! The religions of the four ashrams and the religions mentioned in the Vedas should be followed only by Brahmins. No other Shudra can ever know those religions in any way.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥