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एवं प्रवर्तिते धर्मे पुरा सुचरितेऽनघ।
क: क्षत्रमवमन्येत चेतनावान् बहुश्रुत:॥ ३३॥
अनुवाद
हे पापरहित राजा! इस प्रकार प्राचीन काल में भगवान विष्णु ने स्वयं राजधर्म का प्रचार किया था और सत्पुरुषों द्वारा उसका भली-भाँति पालन भी किया गया था। ऐसी स्थिति में ऐसा कौन सचेतन और विद्वान होगा, जो क्षात्र धर्म की उपेक्षा करेगा? 33॥
Sinless King! Thus, in ancient times, Lord Vishnu himself popularized Rajdharma and it was practiced well by good men. In such a situation, who would be such a conscious and learned scholar, who would ignore Kshatra Dharma? 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥