Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.65.24: इन्द्र बोले - हे निष्पाप राजन! जब राजा की दुष्टता के कारण दण्डनीति नष्ट हो जाती है और राजधर्म का तिरस्कार हो जाता है, तब मोहवश समस्त प्राणी उचित-अनुचित का विवेक खो देते हैं॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 12.65: इन्द्ररूपधारी विष्णु और मान्धाताका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन्द्र बोले - हे निष्पाप राजन! जब राजा की दुष्टता के कारण दण्डनीति नष्ट हो जाती है और राजधर्म का तिरस्कार हो जाता है, तब मोहवश समस्त प्राणी उचित-अनुचित का विवेक खो देते हैं॥ 24॥
Indra said - O sinless king! When due to the wickedness of the king the policy of punishment is destroyed and the royal duty is despised, then all beings, due to delusion, lose the wisdom of what is right and what is wrong.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥