Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.64.18: नरेश्वर! तुम सत्यवादी, धर्मनिष्ठ, साहसी और वीर हो, देवताओं में अटूट प्रेम रखते हो, तुम्हारी बुद्धि, भक्ति और सद्भावना से संतुष्ट होकर मैं तुम्हें तुम्हारी इच्छा के अनुसार वर दे रहा हूँ॥18॥ | mahabharat अध्याय 12.64: राजधर्मकी श्रेष्ठताका वर्णन और इस विषयमें इन्द्ररूपधारी विष्णु और मान्धाताका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरेश्वर! तुम सत्यवादी, धर्मनिष्ठ, साहसी और वीर हो, देवताओं में अटूट प्रेम रखते हो, तुम्हारी बुद्धि, भक्ति और सद्भावना से संतुष्ट होकर मैं तुम्हें तुम्हारी इच्छा के अनुसार वर दे रहा हूँ॥18॥
Nareshwar! You are truthful, devout, courageous and brave, have unwavering love for the gods, satisfied with your intelligence, devotion and good faith, I am giving you the boon as per your wish. 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥