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श्लोक 12.63.29  |
सर्वे त्यागा राजधर्मेषु दृष्टा:
सर्वा दीक्षा राजधर्मेषु चोक्ता:।
सर्वा विद्या राजधर्मेषु युक्ता:
सर्वे लोका राजधर्मे प्रविष्टा:॥ २९॥ |
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| अनुवाद |
| राजा के कर्तव्यों में ही समस्त त्याग देखे जाते हैं, राजा के कर्तव्यों में ही समस्त दीक्षाएँ प्रतिपादित हैं, राजा के कर्तव्यों में ही समस्त ज्ञान का समावेश है और राजा के कर्तव्यों में ही समस्त लोक समाहित हैं ॥29॥ |
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| In the duties of a king all renunciations are seen, in the duties of a king all initiations are propounded, in the duties of a king the combination of all knowledge is easily available and in the duties of a king all the worlds are included. ॥ 29॥ |
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