Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.62.3: राजन! क्षत्रिय के लिए शास्त्रों में युद्ध आदि अनेक ऐसे स्वर्गोपयोगी कर्म विहित किए गए हैं, जो हिंसा पर आधारित हैं। किन्तु ये कर्म ब्राह्मण के लिए आदर्श नहीं हो सकते; क्योंकि क्षत्रिय के लिए सभी प्रकार के कर्मों का उचित विधान है। 3॥ | mahabharat अध्याय 12.62: ब्राह्मणधर्म और कर्तव्यपालनका महत्त्व । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! क्षत्रिय के लिए शास्त्रों में युद्ध आदि अनेक ऐसे स्वर्गोपयोगी कर्म विहित किए गए हैं, जो हिंसा पर आधारित हैं। किन्तु ये कर्म ब्राह्मण के लिए आदर्श नहीं हो सकते; क्योंकि क्षत्रिय के लिए सभी प्रकार के कर्मों का उचित विधान है। 3॥
Rajan! For a Kshatriya, many such heaven-seeking deeds have been prescribed in the scriptures, which are based on violence, such as war. But these actions cannot be ideal for a Brahmin; Because for a Kshatriya there is proper regulation of all types of deeds. 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥