vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 61: आश्रम-धर्मका वर्णन
»
श्लोक 1
श्लोक
12.61.1
भीष्म उवाच
आश्रमाणां महाबाहो शृणु सत्यपराक्रम।
चतुर्णामपि नामानि कर्माणि च युधिष्ठिर॥ १॥
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं- हे सत्य और पराक्रम से परिपूर्ण महाबली युधिष्ठिर! अब चारों आश्रमों के नाम और कर्तव्य सुनो।॥1॥
Bhishmaji says- O mighty Yudhishthira, who is full of truth and bravery, now listen to the names and duties of the four ashramas.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×