श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 61: आश्रम-धर्मका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.61.1 
भीष्म उवाच
आश्रमाणां महाबाहो शृणु सत्यपराक्रम।
चतुर्णामपि नामानि कर्माणि च युधिष्ठिर॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं- हे सत्य और पराक्रम से परिपूर्ण महाबली युधिष्ठिर! अब चारों आश्रमों के नाम और कर्तव्य सुनो।॥1॥
 
Bhishmaji says- O mighty Yudhishthira, who is full of truth and bravery, now listen to the names and duties of the four ashramas.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)