Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.60.24: उन्होंने समस्त प्रजा के भरण-पोषण का भार ब्राह्मण और राजा को सौंप दिया था। अब मैं वैश्य के उस कर्म का वर्णन करूँगा, जिससे वह जीविकोपार्जन करता है॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 12.60: वर्ण-धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मणाय च राज्ञे च सर्वा: परिददे प्रजा:।
तस्य वृत्तिं प्रवक्ष्यामि यच्च तस्योपजीवनम्॥ २४॥
अनुवाद
उन्होंने समस्त प्रजा के भरण-पोषण का भार ब्राह्मण और राजा को सौंप दिया था। अब मैं वैश्य के उस कर्म का वर्णन करूँगा, जिससे वह जीविकोपार्जन करता है॥ 24॥
He had entrusted the responsibility of providing for the entire population to the Brahmin and the king. Now I shall describe the profession of a Vaishya, which helps him to earn his livelihood.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥