Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.60.23: पशुओं को पालने से वैश्य को महान सुख की प्राप्ति होती है। पशुओं की रचना करके प्रजापति ने उनके पालन का भार वैश्य को सौंप दिया था। 23॥ | mahabharat अध्याय 12.60: वर्ण-धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रक्षया स हि तेषां वै महत् सुखमवाप्नुयात्।
प्रजापतिर्हि वैश्याय सृष्ट्वा परिददौ पशून्॥ २३॥
अनुवाद
पशुओं को पालने से वैश्य को महान सुख की प्राप्ति होती है। पशुओं की रचना करके प्रजापति ने उनके पालन का भार वैश्य को सौंप दिया था। 23॥
A Vaishya can attain great happiness by rearing animals. After creating the animals, Prajapati had handed over the responsibility of their rearing to the Vaishya. 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥