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mahabharat 12.6.8: तत्पश्चात् काल के प्रभाव से वह बदला लेने लगा और आप लोगों के विपरीत काम करने लगा; यह देखकर मैंने उसकी उपेक्षा कर दी ॥8॥   |   mahabharat अध्याय 12.6: युधिष्ठिरकी चिन्ता, कुन्तीका उन्हें समझाना और स्त्रियोंको युधिष्ठिरका शाप   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 6: युधिष्ठिरकी चिन्ता, कुन्तीका उन्हें समझाना और स्त्रियोंको युधिष्ठिरका शाप  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.6.8 
तत: कालपरीत: स वैरस्योद्धरणे रत:।
प्रतीपकारी युष्माकमिति चोपेक्षितो मया॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् काल के प्रभाव से वह बदला लेने लगा और आप लोगों के विपरीत काम करने लगा; यह देखकर मैंने उसकी उपेक्षा कर दी ॥8॥
 
"Thereafter, under the influence of time, he started taking revenge and started doing things contrary to you people; seeing this, I ignored him." ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)