Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.6.5: हे धर्मात्माओं में श्रेष्ठ युधिष्ठिर! मैंने पहले भी कर्ण को यह बताने का प्रयत्न किया था कि पाण्डव तुम्हारे भाई हैं। उसके पिता भगवान भास्कर ने भी यही प्रयत्न किया था।॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.6: युधिष्ठिरकी चिन्ता, कुन्तीका उन्हें समझाना और स्त्रियोंको युधिष्ठिरका शाप । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यातित: स मया पूर्वं भ्रात्र्यं ज्ञापयितुं तव।
भास्करेण च देवेन पित्रा धर्मभृतां वर॥ ५॥
अनुवाद
हे धर्मात्माओं में श्रेष्ठ युधिष्ठिर! मैंने पहले भी कर्ण को यह बताने का प्रयत्न किया था कि पाण्डव तुम्हारे भाई हैं। उसके पिता भगवान भास्कर ने भी यही प्रयत्न किया था।॥5॥
'Yudhishthira, the best of the righteous! I had earlier tried to tell Karna that the Pandavas are your brothers. His father Lord Bhaskara also tried the same. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥