श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 59: ब्रह्माजीके नीतिशास्त्रका तथा राजा पृथुके चरित्रका वर्णन  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  12.59.90 
कीर्तिमांस्तस्यपुत्रोऽभूत् सोऽपि पञ्चातिगोऽभवत्।
कर्दमस्तस्य तु सुत: सोऽप्यतप्यन्महत् तप:॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
विरजा के कीर्तिमान नाम का एक पुत्र हुआ । वह भी पाँच विषयों से ऊपर उठकर मोक्षमार्ग पर चलने लगा । कीर्तिमान के पुत्र कर्दम हुए । वे भी घोर तप करने लगे । 90 ॥
 
Virja had a son named Kirtiman. He also rose above the five subjects and started following the path of salvation. Kardam was the son of Kirtiman. They also started doing heavy penance. 90॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)