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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 59: ब्रह्माजीके नीतिशास्त्रका तथा राजा पृथुके चरित्रका वर्णन
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श्लोक 74
श्लोक
12.59.74
यैर्यैरुपायैर्लोकस्तु न चलेदार्यवर्त्मन:।
तत् सर्वं राजशार्दूल नीतिशास्त्रेऽभिवर्णितम्॥ ७४॥
अनुवाद
हे राजासिंह! इस नीतिशास्त्र में वे सब उपाय बताए गए हैं जिनसे यह संसार सत्यमार्ग से विचलित न हो ॥ 74॥
O King Singh! All the means by which this world should not deviate from the right path have been explained in this ethics. ॥ 74॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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