यन्त्राणि विविधान्येव क्रियास्तेषां च वर्णिता:।
अवमर्द: प्रतीघात: केतनानां च भञ्जनम्॥ ६२॥
अनुवाद
नाना प्रकार के यंत्रों और उनके कार्यों का भी वर्णन किया गया है। शत्रु राष्ट्र को कुचलना, उसकी सेनाओं पर आक्रमण करना तथा उसके निवासों को नष्ट करना - इन सब बातों का भी इस ग्रन्थ में उल्लेख है।
Various types of machines and their functions have also been described. Crushing the enemy's nation, attacking its armies and destroying its residences - all these things are also mentioned in this book. 62.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥