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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 59: ब्रह्माजीके नीतिशास्त्रका तथा राजा पृथुके चरित्रका वर्णन
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श्लोक 30
श्लोक
12.59.30
चतुर्थो मोक्ष इत्येव पृथगर्थ: पृथग्गुण:॥ ३०॥
अनुवाद
चौथा वर्ग मोक्ष है; उसका उद्देश्य और गुण इन तीन वर्गों से भिन्न हैं ॥30॥
The fourth category is salvation; its purpose and qualities are different from these three categories. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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