‘पितामह! अब आप कोई ऐसा उपाय सोचिए जिससे हमारा कल्याण हो सके। आपके प्रभाव से हमें जो दिव्य स्वभाव प्राप्त हुआ था, वह नष्ट हो रहा है।’॥27॥
‘Grandfather! Now think of a way by which we can be benefited. The divine nature which we had received due to your influence is getting destroyed.'॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥