श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 58: भीष्मद्वारा राज्यरक्षाके साधनोंका वर्णन तथा संध्याके समय युधिष्ठिर आदिका विदा होना और रास्तेमें स्नान-संध्यादि नित्यकर्मसे निवृत्त होकर हस्तिनापुरमें प्रवेश  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  12.58.15 
उत्थानवीर: पुरुषो वाग्वीरानधितिष्ठति।
उत्थानवीरान् वाग्वीरा रमयन्त उपासते॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जो पुरुष उद्योग में वीर है, वह केवल वाक्पटु पुरुषों पर ही विजय प्राप्त करता है। वाक्पटु विद्वान पुरुष वीर पुरुषों का सत्कार करते हैं और उनकी पूजा करते हैं॥15॥
 
'The man who is brave in industry, gains supremacy only over the men of eloquence. The learned men of eloquence entertain the brave men and worship them.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)