Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.57.9: हे मनुष्यों के स्वामी! असमंज नगर के लोगों के बालकों को पकड़कर सरयू नदी में डुबो देता था; इसलिए उसके पिता ने उसे डाँटकर घर से निकाल दिया। | mahabharat अध्याय 12.57: राजाके धर्मानुकूल नीतिपूर्ण बर्तावका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
असमञ्जा: सरय्वां स पौराणां बालकान् नृप।
न्यमज्जयदत: पित्रा निर्भर्त्स्य स विवासित:॥ ९॥
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! असमंज नगर के लोगों के बालकों को पकड़कर सरयू नदी में डुबो देता था; इसलिए उसके पिता ने उसे डाँटकर घर से निकाल दिया।
O Lord of men! Asamanja used to catch the children of the people of the city and drown them in the Saryu river; therefore his father scolded him and threw him out of the house.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥