Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.57.19: राजा को चाहिए कि वह स्वयं उन लोगों की देखभाल करे जिनके पास जीविका का कोई साधन नहीं है और जो उसके द्वारा पोषित हैं, उनकी भी देखभाल करे। राजा को सदैव प्रसन्नचित्त रहना चाहिए और हँसते हुए बात करनी चाहिए॥19॥ | mahabharat अध्याय 12.57: राजाके धर्मानुकूल नीतिपूर्ण बर्तावका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा को चाहिए कि वह स्वयं उन लोगों की देखभाल करे जिनके पास जीविका का कोई साधन नहीं है और जो उसके द्वारा पोषित हैं, उनकी भी देखभाल करे। राजा को सदैव प्रसन्नचित्त रहना चाहिए और हँसते हुए बात करनी चाहिए॥19॥
The king should himself take care of those who do not have any means of sustenance and those who are being supported by him should also be looked after. The king should always be cheerful and talk with a smile.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥