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mahabharat 12.54.8: भरतनन्दन युधिष्ठिर और अन्य भूमिपालों! मैं तुम्हें अपना समयानुकूल कर्तव्य बता रहा हूँ। तुम लोग गंगानन्दन भीष्मजी से धर्म और ब्रह्म के विषय में पूछो, क्योंकि अब ये भगवान सूर्य के समान अस्त होने वाले हैं। 8॥   |   mahabharat अध्याय 12.54: भगवान् श्रीकृष्ण और भीष्मजीकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 54: भगवान् श्रीकृष्ण और भीष्मजीकी बातचीत  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.54.8 
प्राप्तकालं समाचक्षे भीष्मोऽयमनुयुज्यताम्।
अस्तमेति हि गाङ्गेयो भानुमानिव भारत॥ ८॥
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन युधिष्ठिर और अन्य भूमिपालों! मैं तुम्हें अपना समयानुकूल कर्तव्य बता रहा हूँ। तुम लोग गंगानन्दन भीष्मजी से धर्म और ब्रह्म के विषय में पूछो, क्योंकि अब ये भगवान सूर्य के समान अस्त होने वाले हैं। 8॥
 
'Bharatanandan Yudhishthir and other land keepers! I am telling you about my timely duty. You people, ask Ganganandan Bhishmaji about religion and Brahma, because now this God is about to set like the sun. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)