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mahabharat 12.54.35: तुम्हारे जन्म से लेकर आज तक किसी ने भी तुममें कोई दोष (पाप) नहीं देखा। सभी राजा इस बात को स्वीकार करते हैं कि तुम सभी धर्मों के ज्ञाता हो।   |   mahabharat अध्याय 12.54: भगवान् श्रीकृष्ण और भीष्मजीकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 54: भगवान् श्रीकृष्ण और भीष्मजीकी बातचीत  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  12.54.35 
जन्मप्रभृति ते कश्चिद् वृजिनं न ददर्श ह।
ज्ञातारं सर्वधर्माणां त्वां विदु: सर्वपार्थिवा:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
तुम्हारे जन्म से लेकर आज तक किसी ने भी तुममें कोई दोष (पाप) नहीं देखा। सभी राजा इस बात को स्वीकार करते हैं कि तुम सभी धर्मों के ज्ञाता हो।
 
From your birth till today, no one has seen any fault (sin) in you. All the kings accept the fact that you are the knower of all the religions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)