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mahabharat 12.53.8: वहाँ अग्निहोत्र करके भगवान माधव ने चारों वेदों के विद्वान एक हजार ब्राह्मणों को बुलाकर प्रत्येक को एक-एक हजार गौएँ दान में दीं और उनसे वेदमंत्रों का उच्चारण तथा स्वस्तिवाचन करवाया॥8॥   |   mahabharat अध्याय 12.53: भगवान् श्रीकृष्णकी प्रातश्चर्या, सात्यकिद्वारा उनका संदेश पाकर भाइयोंसहित युधिष्ठिरका उन्हींके साथ कुरुक्षेत्रमें पधारना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 53: भगवान् श्रीकृष्णकी प्रातश्चर्या, सात्यकिद्वारा उनका संदेश पाकर भाइयोंसहित युधिष्ठिरका उन्हींके साथ कुरुक्षेत्रमें पधारना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.53.8 
तत: सहस्रं विप्राणां चतुर्वेदविदां तथा।
गवां सहस्रेणैकैकं वाचयामास माधव:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वहाँ अग्निहोत्र करके भगवान माधव ने चारों वेदों के विद्वान एक हजार ब्राह्मणों को बुलाकर प्रत्येक को एक-एक हजार गौएँ दान में दीं और उनसे वेदमंत्रों का उच्चारण तथा स्वस्तिवाचन करवाया॥8॥
 
There, after performing Agnihotra, Lord Madhava called one thousand Brahmins who were scholars of the four Vedas, donated one thousand cows to each and made them recite Veda mantras and recite Swastiva. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)