Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.53.25-26: तत्पश्चात् रथ से उतरकर भगवान श्रीकृष्ण, युधिष्ठिर, भीमसेन, गाण्डीवधारी अर्जुन, नकुल, सहदेव और सात्यकि ने दाहिने हाथ उठाकर ऋषियों का आदर किया॥25-26॥ | mahabharat अध्याय 12.53: भगवान् श्रीकृष्णकी प्रातश्चर्या, सात्यकिद्वारा उनका संदेश पाकर भाइयोंसहित युधिष्ठिरका उन्हींके साथ कुरुक्षेत्रमें पधारना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततोऽवतीर्य गोविन्दो रथात् स च युधिष्ठिर:॥ २५॥
भीमो गाण्डीवधन्वा च यमौ सात्यकिरेव च।
ऋषीनभ्यर्चयामासु: करानुद्यम्य दक्षिणान्॥ २६॥
अनुवाद
तत्पश्चात् रथ से उतरकर भगवान श्रीकृष्ण, युधिष्ठिर, भीमसेन, गाण्डीवधारी अर्जुन, नकुल, सहदेव और सात्यकि ने दाहिने हाथ उठाकर ऋषियों का आदर किया॥25-26॥
After that, after getting down from the chariot, Lord Shri Krishna, Yudhishthir, Bhimsen, Arjun carrying Gandiva, Nakul, Sahadev and Satyaki showed respect to the sages by raising their right hands. 25-26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥