Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.53.22-23h: राजन! उस समय दारुक द्वारा हाँके हुए भगवान श्रीकृष्ण के घोड़े अपने खुरों के अगले भाग से पृथ्वी पर चिह्न छोड़ते हुए बड़े वेग से दौड़ रहे थे। | mahabharat अध्याय 12.53: भगवान् श्रीकृष्णकी प्रातश्चर्या, सात्यकिद्वारा उनका संदेश पाकर भाइयोंसहित युधिष्ठिरका उन्हींके साथ कुरुक्षेत्रमें पधारना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते हया वासुदेवस्य दारुकेण प्रचोदिता:॥ २२॥
गां खुराग्रैस्तथा राजन् लिखन्त: प्रययुस्तदा।
अनुवाद
राजन! उस समय दारुक द्वारा हाँके हुए भगवान श्रीकृष्ण के घोड़े अपने खुरों के अगले भाग से पृथ्वी पर चिह्न छोड़ते हुए बड़े वेग से दौड़ रहे थे।
King! At that time, the horses of Lord Krishna, driven by Daruk, ran with great speed, leaving marks on the earth with the front parts of their hooves.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥