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mahabharat 12.53.19-20h: जब महाबली पाण्डवों ने प्रवेश किया, तब सात्यकि सहित बुद्धिमान भगवान श्रीकृष्ण भी उसी रथ पर चढ़े। ॥19 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 12.53: भगवान् श्रीकृष्णकी प्रातश्चर्या, सात्यकिद्वारा उनका संदेश पाकर भाइयोंसहित युधिष्ठिरका उन्हींके साथ कुरुक्षेत्रमें पधारना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 53: भगवान् श्रीकृष्णकी प्रातश्चर्या, सात्यकिद्वारा उनका संदेश पाकर भाइयोंसहित युधिष्ठिरका उन्हींके साथ कुरुक्षेत्रमें पधारना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  12.53.19-20h 
आगच्छत्स्वथ कृष्णोऽपि पाण्डवेषु महात्मसु॥ १९॥
शैनेयसहितो धीमान् रथमेवान्वपद्यत।
 
 
अनुवाद
जब महाबली पाण्डवों ने प्रवेश किया, तब सात्यकि सहित बुद्धिमान भगवान श्रीकृष्ण भी उसी रथ पर चढ़े। ॥19 1/2॥
 
When the great Pandavas made their entry, the wise Lord Krishna along with Satyaki also boarded the same chariot. ॥19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)