Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.53.18-19h: तत्पश्चात् राजा युधिष्ठिर, भीमसेन, अर्जुन, नकुल और सहदेव सभी रथ पर चढ़कर श्रीकृष्ण के धाम को गए, मानो सभी महात्मा मूर्ति रूप में वहाँ आ गए हों॥18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.53: भगवान् श्रीकृष्णकी प्रातश्चर्या, सात्यकिद्वारा उनका संदेश पाकर भाइयोंसहित युधिष्ठिरका उन्हींके साथ कुरुक्षेत्रमें पधारना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो युधिष्ठिरो राजा यमौ भीमार्जुनावपि॥ १८॥
भूतानीव समस्तानि ययु: कृष्णनिवेशनम्।
अनुवाद
तत्पश्चात् राजा युधिष्ठिर, भीमसेन, अर्जुन, नकुल और सहदेव सभी रथ पर चढ़कर श्रीकृष्ण के धाम को गए, मानो सभी महात्मा मूर्ति रूप में वहाँ आ गए हों॥18 1/2॥
Thereafter, King Yudhishthir, Bhimsen, Arjun, Nakul and Sahadev all mounted on a chariot went to the abode of Shri Krishna, as if all the great spirits had arrived in the form of idols. 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥