Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.53.17-18h: वैशम्पायन कहते हैं, 'जनमेजय! कुंतीपुत्र और पुरुषोत्तम अर्जुन ने युधिष्ठिर की आज्ञा मानकर वैसा ही किया। फिर लौटकर उन्होंने युधिष्ठिर को बताया कि राजा का विशाल रथ तैयार है।' | mahabharat अध्याय 12.53: भगवान् श्रीकृष्णकी प्रातश्चर्या, सात्यकिद्वारा उनका संदेश पाकर भाइयोंसहित युधिष्ठिरका उन्हींके साथ कुरुक्षेत्रमें पधारना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन कहते हैं, 'जनमेजय! कुंतीपुत्र और पुरुषोत्तम अर्जुन ने युधिष्ठिर की आज्ञा मानकर वैसा ही किया। फिर लौटकर उन्होंने युधिष्ठिर को बताया कि राजा का विशाल रथ तैयार है।'
Vaishampayana says, 'Janamejaya! Arjuna, the son of Kunti and the best of men, obeyed Yudhishthira's command and did the same. He then came back and informed him that the great chariot of the king was ready.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥