Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.52.8: ऐसा लग रहा है जैसे मेरी शक्ति मेरे शरीर से निकल रही है। ये लोग अपनी जान देने की जल्दी में हैं। मेरे शरीर के अंगों में बहुत दर्द हो रहा है, इसलिए मेरा मन भ्रमित हो गया है। | mahabharat अध्याय 12.52: भीष्मका अपनी असमर्थता प्रकट करना, भगवान् का उन्हें वर देना तथा ऋषियों एवं पाण्डवोंका दूसरे दिन आनेका संकेत करके वहाँसे विदा होकर अपने-अपने स्थानोंको जाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा लग रहा है जैसे मेरी शक्ति मेरे शरीर से निकल रही है। ये लोग अपनी जान देने की जल्दी में हैं। मेरे शरीर के अंगों में बहुत दर्द हो रहा है, इसलिए मेरा मन भ्रमित हो गया है।
‘It seems as if my strength is leaving my body. These people are in a hurry to give up their lives. I am in great pain in my vital organs; therefore my mind has become confused.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥