Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.51.8: आपका रूप अलसी के फूल के समान श्याम है। पीला वस्त्र इसे सुशोभित करता है और इसकी शोभा कभी कम नहीं होती। इसे देखकर हम कल्पना करते हैं कि बिजली से चमकता हुआ कोई बादल इसे सुशोभित कर रहा है। | mahabharat अध्याय 12.51: भीष्मके द्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा श्रीकृष्णका भीष्मकी प्रशंसा करते हुए उन्हें युधिष्ठिरके लिये धर्मोपदेश करनेका आदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपका रूप अलसी के फूल के समान श्याम है। पीला वस्त्र इसे सुशोभित करता है और इसकी शोभा कभी कम नहीं होती। इसे देखकर हम कल्पना करते हैं कि बिजली से चमकता हुआ कोई बादल इसे सुशोभित कर रहा है।
Your form is dark like the linseed flower. The yellow cloth adorns it and it never loses its glory. Looking at it we imagine that a cloud with lightning is adorning it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥