Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.51.3: हे परमेश्वर, इस जगत के रचयिता! मैं आपको प्रणाम करता हूँ। हे जगत की आत्मा और जगत के मूल, हे जगदीश्वर! मैं आपको प्रणाम करता हूँ। आप पंचभूतों से परे हैं और सभी जीवों के मोक्षस्वरूप हैं॥ 3॥ | mahabharat अध्याय 12.51: भीष्मके द्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा श्रीकृष्णका भीष्मकी प्रशंसा करते हुए उन्हें युधिष्ठिरके लिये धर्मोपदेश करनेका आदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे परमेश्वर, इस जगत के रचयिता! मैं आपको प्रणाम करता हूँ। हे जगत की आत्मा और जगत के मूल, हे जगदीश्वर! मैं आपको प्रणाम करता हूँ। आप पंचभूतों से परे हैं और सभी जीवों के मोक्षस्वरूप हैं॥ 3॥
O Supreme Lord, the creator of this universe! I bow to you. O soul of the universe and the source of the universe, O Jagadishwar! I bow to you. You are beyond the five elements and are the form of salvation for all living beings.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥