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mahabharat 12.51.16: हे पुरुषश्रेष्ठ! जब सूर्यदेव समयानुसार दक्षिण मार्ग से उत्तर मार्ग को लौटेंगे, तब तुम उन लोकों में जाओगे जहाँ जाने के बाद बुद्धिमान पुरुष इस लोक में लौटकर नहीं आते॥16॥   |   mahabharat अध्याय 12.51: भीष्मके द्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा श्रीकृष्णका भीष्मकी प्रशंसा करते हुए उन्हें युधिष्ठिरके लिये धर्मोपदेश करनेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 51: भीष्मके द्वारा श्रीकृष्णकी स्तुति तथा श्रीकृष्णका भीष्मकी प्रशंसा करते हुए उन्हें युधिष्ठिरके लिये धर्मोपदेश करनेका आदेश  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.51.16 
व्यावर्तमाने भगवत्युदीचीं
सूर्ये दिशं कालवशात् प्रपन्ने।
गन्तासि लोकान् पुरुषप्रवीर
नावर्तते यानुपलभ्य विद्वान्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! जब सूर्यदेव समयानुसार दक्षिण मार्ग से उत्तर मार्ग को लौटेंगे, तब तुम उन लोकों में जाओगे जहाँ जाने के बाद बुद्धिमान पुरुष इस लोक में लौटकर नहीं आते॥16॥
 
O foremost of men! When the Sun God, due to time, returns from the southern path to the northern path, then you will go to those worlds where after going, wise men do not return to this world. ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)