Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.50.27: हे महापुरुष! मैं जानता हूँ कि आप कैसे हैं और क्या हैं। आप मनुष्यों में श्रेष्ठ हैं और अपने पराक्रम के कारण देवताओं में भी प्रसिद्ध हैं॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 12.50: श्रीकृष्णद्वारा भीष्मजीके गुण-प्रभावका सविस्तर वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 50: श्रीकृष्णद्वारा भीष्मजीके गुण-प्रभावका सविस्तर वर्णन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  12.50.27 
अहं च त्वाभिजानामि यस्त्वं पुरुषसत्तम।
त्रिदशेष्वपि विख्यातस्त्वं शक्त्या पुरुषोत्तम:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे महापुरुष! मैं जानता हूँ कि आप कैसे हैं और क्या हैं। आप मनुष्यों में श्रेष्ठ हैं और अपने पराक्रम के कारण देवताओं में भी प्रसिद्ध हैं॥ 27॥
 
O great man! I know how you are and what you are. You are the best among men and are renowned even among the gods for your power.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)