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mahabharat 12.49.87: भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं - राजन! तत्पश्चात् कश्यपजी ने पृथ्वी द्वारा बताए गए उन सभी वीर क्षत्रिय राजाओं को बुलाकर उन्हें विभिन्न राज्यों का राजा अभिषिक्त किया।   |   mahabharat अध्याय 12.49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  12.49.87 
वासुदेव उवाच
तत: पृथिव्या निर्दिष्टांस्तान् समानीय कश्यप:।
अभ्यषिञ्चन्महीपालान् क्षत्रियान् वीर्यसम्मतान्॥ ८७॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं - राजन! तत्पश्चात् कश्यपजी ने पृथ्वी द्वारा बताए गए उन सभी वीर क्षत्रिय राजाओं को बुलाकर उन्हें विभिन्न राज्यों का राजा अभिषिक्त किया।
 
Lord Krishna says - King! Thereafter, Kashyap called all those valiant Kshatriya kings mentioned by Prithvi and anointed them as kings of different kingdoms. 87
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)