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mahabharat 12.49.79-80h: प्रतर्दन का पराक्रमी पुत्र वत्स भी राजा बनकर मेरी रक्षा कर सकता है। वह गौशाला में बछड़ों द्वारा पाला गया था, इसलिए उसका नाम 'वत्स' है। 79 1/2   |   mahabharat अध्याय 12.49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा  »  श्लोक 79-80h
 
 
श्लोक  12.49.79-80h 
प्रतर्दनस्य पुत्रस्तु वत्सो नाम महाबल:॥ ७९॥
वत्सै: संवर्धितो गोष्ठे स मां रक्षतु पार्थिव:।
 
 
अनुवाद
प्रतर्दन का पराक्रमी पुत्र वत्स भी राजा बनकर मेरी रक्षा कर सकता है। वह गौशाला में बछड़ों द्वारा पाला गया था, इसलिए उसका नाम 'वत्स' है। 79 1/2
 
Pratardana's mighty son Vatsa can also protect me by becoming a king. He was raised by calves in a cowshed, hence his name is 'Vatsa'. 79 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)