Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.49.61-63h: हे नरदेव! उन्होंने उन सभी छोटे-छोटे बालकों को फिर से बड़ी तेजी से मार डाला। सारी पृथ्वी फिर से गर्भ में बचे हुए बालकों से भर गई। परशुरामजी प्रत्येक बालक को जन्म लेते ही मार डालते थे। उस समय क्षत्रिय स्त्रियाँ केवल कुछ ही पुत्रों को बचा पाती थीं। | mahabharat अध्याय 12.49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे नरदेव! उन्होंने उन सभी छोटे-छोटे बालकों को फिर से बड़ी तेजी से मार डाला। सारी पृथ्वी फिर से गर्भ में बचे हुए बालकों से भर गई। परशुरामजी प्रत्येक बालक को जन्म लेते ही मार डालते थे। उस समय क्षत्रिय स्त्रियाँ केवल कुछ ही पुत्रों को बचा पाती थीं।
O lord of men! He again killed all those small children very quickly. The entire earth was again filled with the children who were left in the womb. Parshuramji used to kill each child after it was born. At that time the Kshatriya women were able to save only a few sons. 61-62 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥