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mahabharat 12.49.52-53h: भृगुवंश के सिंह, पराक्रमी परशुराम ने अपना पराक्रम प्रदर्शित करते हुए कार्तवीर्य के सभी पुत्रों और पौत्रों को शीघ्रता से मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 12.49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा  »  श्लोक 52-53h
 
 
श्लोक  12.49.52-53h 
तत: स भृगुशार्दूल: कार्तवीर्यस्य वीर्यवान्॥ ५२॥
विक्रम्य निजघानाशु पुत्रान् पौत्रांश्च सर्वश:।
 
 
अनुवाद
भृगुवंश के सिंह, पराक्रमी परशुराम ने अपना पराक्रम प्रदर्शित करते हुए कार्तवीर्य के सभी पुत्रों और पौत्रों को शीघ्रता से मार डाला।
 
The mighty Parashurama, the lion of the Bhrigu clan, displayed his valour and quickly killed all the sons and grandsons of Kartavirya. 52 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)