Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.49.41: वायु के सहयोग से अग्निदेव (अग्नि देवता) और अधिक तीव्र गति से प्रज्वलित हुए और अपने साथ हैहयराज को लेकर महात्मा के निर्जन तथा सुन्दर आश्रम को जलाकर राख कर दिया। | mahabharat अध्याय 12.49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स शून्यमाश्रमं रम्यमापवस्य महात्मन:।
ददाह पवनेनेद्धश्चित्रभानु: सहैहय:॥ ४१॥
अनुवाद
वायु के सहयोग से अग्निदेव (अग्नि देवता) और अधिक तीव्र गति से प्रज्वलित हुए और अपने साथ हैहयराज को लेकर महात्मा के निर्जन तथा सुन्दर आश्रम को जलाकर राख कर दिया।
Supported by the wind, Agni Deva (God of Fire) blazed up ever faster and faster, taking along with him the Haihayaraj, burnt down to ashes the deserted and beautiful hermitage of the Mahatma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥