Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.49.23: ऋचीक ने कहा, "कल्याणि! मैंने यह संकल्प नहीं किया था कि तुम्हारे गर्भ से ऐसा पुत्र उत्पन्न हो। किन्तु आहार में परिवर्तन के कारण तुम्हें भयंकर कर्म करने वाले पुत्र को जन्म देना पड़ रहा है।" | mahabharat अध्याय 12.49: परशुरामजीके उपाख्यानमें क्षत्रियोंके विनाश और पुन: उत्पन्न होनेकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋचीक ने कहा, "कल्याणि! मैंने यह संकल्प नहीं किया था कि तुम्हारे गर्भ से ऐसा पुत्र उत्पन्न हो। किन्तु आहार में परिवर्तन के कारण तुम्हें भयंकर कर्म करने वाले पुत्र को जन्म देना पड़ रहा है।"
Richik said, "Kalyani! I had not resolved that such a son should be born from your womb. But due to the change in the food, you have to give birth to a son who commits terrible deeds."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥